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Maiya Ji Hamar ( Pachra Geet ) Lyrics Arvind Akela Kallu and Shivani Singh



Maiya Ji Hamar ( Pachra Geet ) Lyrics


पुरुवा बयरिया डोले हो

मनवा में कोईलर बोले हो



सोना के रे ककही शीतली मईया ,

रेशम के हो बार

हरी हरी निमिया प झुलुहा, झुलतारी मईया जी हमार


बड़ा भाग नौमी में आइल बाड़ी गावे

चला धनी मईया के चवर डोलावे


दिया बार दिही का, लाले हार दीही का

राजा हो नजरिया उतार दीही का - 2


लाले लाले चुनरि मयरिया के लाले लाले हो हार

हरी हरी निमिया प झुलुहा, झुलतारी मईया जी हमार 2


भोगवा लगावे खातिर लेला पूड़ी हलुवा

माई के भजन हो सुनाव ताटे कलूवा


आशिर्वाद लेला हो , परसाद लेल हो

देवी दर्शन कइला के बाद लेल हो 2


आसू प्रियांशु के नईया मईया लगइहे पार

हरी हरी निमिया प झुलुहा, झुलतारी मईया जी हमार 2

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